लो.....देखते ही देखते नया वर्ष भी आ गया.
पुराना जैसा भी था,
अपना ही था, मगर नया तो कुछ ज्यादा ही भा गया.
क्योकि दस में दम है , और 'काफिये' का रस है
इसमे 'यश' है...
'हस' है ..
'यस' (हाँ ) भी है ...
'बस' भी है लेकिन उपलब्धियों के मामले में 'बस' न रहे.
कोई भी भला आदमी बेबस न रहे
अब यह साल नया है तो हमारे सपने भी नए होंगे
पुरानों के संग में कुछ अपने भी नए होंगे
नए साथी मिले अच्छा लगा.
हम फूल-सा खिले अच्छा लगा.
नए साल में हर कोई खुशहाल रहे,
दुनिया में कहीं अशांति न हो. हर शख्स मालामाल रहे..
'अंतरजाल' ने तो सबको जोड़ दिया है.
देशों की बाधाओं (वीसा) को तोड़ दिया है.
गाँव में बैठा इनसान भी शहर से जुड़ गया है.
हर रास्ता विकास की ओर मुड़ गया है.
एक-दूसरे से रू-ब-रू मिले नहीं, मगर बात हो रही है.
ऐसा लग रहा है कि मुलाकात हो रही है
सिलसिला जारी रहे, सद्भावों की ''उड़नतश्तरी''
इधर से उधर मंडराती रहे..
प्रेमका सन्देश फैलती रहे...
जो जहाँ है, अच्छा काम करे
अपना, (अपनी जाति या धर्म का नहीं) अपने देश का नाम करे.
कोई संकुचित न रहे,विशाल बने..
लोग कहें देखो इसको..ऐसी कोई अच्छी मिसाल बने.
दूसरों के दर्द की हम एक दवा हो जाएँ
काम ऐसे ही करें और फना हो जाएँ.
अपने लिए तो मै बस इतना ही कहूँगा,
कि अपनी कृतियों के माध्यम से आपके सब के दिलो में रहूँगा.
आपकी शुभकामनाएँ साथ हैं
क्या हुआ गर कुछ बलाएँ साथ हैं...
सारे ब्लोगर भाइयों को, ब्लॉग देखने या पढ़ने वालों को
पढ़ कर अपनी टिप्पणियाँ देने वालों को...
सबके लिए यह वर्ष मंगल हो
हर्ष से भरा उत्कर्ष मंगल हो...
बडे भाई आपको भी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये.
ReplyDeleteसुख आये जन के जीवन मे यत्न विधायक हो
सब के हित मे बन्धु! वर्ष यह मंगलदयक हो.
(अजीत जोगी की कविता के अंश)
बढिया लिखा .. आपके और आपके परिवार वालों के लिए भी नववर्ष मंगलमय हो !!
ReplyDeleteसबका भला हो!!
ReplyDeleteआप एवं आपके परिवार को नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं अनेक शुभकामनाएँ.
badhaai.
ReplyDeleteनए वर्ष का हर नवीन दिन
ReplyDeleteअमल-धवल यश कीर्ति 'सलिल' दे..