Tuesday, December 28, 2010

छत्तीसगढ़ अब गो-क्रांति की दिशा में

नईदुनिया, रायपुर (२९-१२-२०१०) में प्रकाशित लेख...

4 comments:

  1. गौ-वंश की उपयोगिता को इस रूप में प्रचारित-प्रसारित करना, बनाए रखना जरूरी है, वरना बूचड़खानों की मांग के दबाव से यह नियंत्रित होने की आशंका बनी रहेगी.

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  2. चाचा जी, प्रणाम

    आज के दौर में लोग इस मुद्दे पर बात करना ही भूल गये है..पाश्चात्य की अंधी रेस में लोग अपनी गौ माता को भूलते ही जा रहे है...बहुत बढ़िया जानकारी भरी पोस्ट प्रस्तुत किया आपने...सार्थका आलेख के लिए बहुत बहुत बधाई..निश्चित रूप से राज्य ही नही बल्कि देश के लोगों में जागरूकता आएगी...प्रणाम

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  3. नये वर्ष की हार्दिक शुभकामना

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  4. प्रणाम,
    अच्छी जानकारी मिली इस पोस्ट को पढ़कर, वाकई गौ संरक्छ्न की दिशा में कामधेनु विश्वविध्यालय मिल का पत्थर साबित होगा..

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