आज के दौर में लोग इस मुद्दे पर बात करना ही भूल गये है..पाश्चात्य की अंधी रेस में लोग अपनी गौ माता को भूलते ही जा रहे है...बहुत बढ़िया जानकारी भरी पोस्ट प्रस्तुत किया आपने...सार्थका आलेख के लिए बहुत बहुत बधाई..निश्चित रूप से राज्य ही नही बल्कि देश के लोगों में जागरूकता आएगी...प्रणाम
गौ-वंश की उपयोगिता को इस रूप में प्रचारित-प्रसारित करना, बनाए रखना जरूरी है, वरना बूचड़खानों की मांग के दबाव से यह नियंत्रित होने की आशंका बनी रहेगी.
ReplyDeleteचाचा जी, प्रणाम
ReplyDeleteआज के दौर में लोग इस मुद्दे पर बात करना ही भूल गये है..पाश्चात्य की अंधी रेस में लोग अपनी गौ माता को भूलते ही जा रहे है...बहुत बढ़िया जानकारी भरी पोस्ट प्रस्तुत किया आपने...सार्थका आलेख के लिए बहुत बहुत बधाई..निश्चित रूप से राज्य ही नही बल्कि देश के लोगों में जागरूकता आएगी...प्रणाम
नये वर्ष की हार्दिक शुभकामना
ReplyDeleteप्रणाम,
ReplyDeleteअच्छी जानकारी मिली इस पोस्ट को पढ़कर, वाकई गौ संरक्छ्न की दिशा में कामधेनु विश्वविध्यालय मिल का पत्थर साबित होगा..