बड़े अरमान से rakkha है बलम पहला कदम.. ब्लॉग की दुनिया मे। मन मे बहुत कुछ है। सामने आता रहेगा। गिरीश पंकज
पेश है एक ग़ज़ल
आपकी शुभकामनाये साथ है
क्या हुआ गर कुछ बलाए साथ है
haरने का अर्थ यह भी जानिए,
जीत की सम्भावनाये साथ है
इस अंधेरे को fतह कर लेंगे हम
रौशनी की कुछ कथाये साथ है
मर ही जाता में शहर में बच गया
गाव की शीतल हवाए साथ है
WAH WAH
ReplyDeleteBAHUT KHOOB