Friday, January 21, 2011

गांवों की शान से ही छत्तीसगढ़ की आन ...

नईदुनिया, रायपुर के  20-1-२०११ में प्रकाशित लेख

5 comments:

  1. गांव हैं तो हम हैं....
    बल्किुल सही कहा आपने। छत्तीसगढ़ का गौरव उसके गांवों में ही बसता है।
    गांव और ग्रामीण संस्कृति का संरक्षण आवश्यक है।
    जब गांव ही नहीं रहेंगे तो शहर वाले किसे अपना शहरीपन दिखाएंगे?

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  2. असली भारत तो आज भी गांवों में ही बसता है.पर कब तक बचा रहेगा पता नहीं.

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  3. वाकई हमें अपने जड़ों की ओर लौटना होगा, अपने गाँव को उजड़ने से बचाना होगा नहीं तो ग्रामीण भारत की स्थिति भविष्य में अकल्पनीय होगी जिसके जिम्मेदार हम स्वयं होंगे |
    बेहद प्रभावी एवं सार्थक पोस्ट के लिए बधाई स्वीकार करें |

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  4. सच में गाँव से ही हैं हम ..... हमारे गाँव आज भी देश की रीढ़ हैं...... आपका आलेख पढ़कर अच्छा लगा

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  5. प्रगति और विकास की कीमत.

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