गिरीश पंकज

व्यंग्यकार की कविताई और व्यंग्यादि

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Friday, January 21, 2011

गांवों की शान से ही छत्तीसगढ़ की आन ...

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नईदुनिया, रायपुर के  20-1-२०११ में प्रकाशित लेख
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Saturday, January 15, 2011

महंगाई डायन के नाम एक खुला ख़त

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नईदुनिया, रायपुर में १५-१-२०११ के अंक में प्रकाशित व्यंग्य.......
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Wednesday, August 4, 2010

पुरुषों के लिए ''छिनाला'' शब्द...

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साहित्य में इन दिनों ''छिनालवाद'' का सहसा नव-उदय हुआ है. इसके आविष्कर्ता है वर्धा के अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के...
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Monday, November 9, 2009

लेख

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 इस बार कविता नहीं, केवल एक टिप्पणी..   स्त्रियों को कु-पाठ पढाने की  घिनौनी कोशिश... .प्रभाष जोशी जी के निधन पर मैंने एक लिखा जो, मोहल्...
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