''सद्भावना दर्पण'

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ये कैसा है माओवाद ?

>> Wednesday, May 29, 2013

ये कैसा है माओवाद ?
लाशे बिछा रहे लोगों की, धरती के खूनी ज़ल्लाद।
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है विचार की आड़ मगर ये तो व्यभिचारी दिखते हैं
'दाउद' के गुर्गे हों जैसे, लुच्चॆ, शातिर लगते हैं।
काश, आज और अभी हो सके हर हिंसक फ़ौरन बर्बाद।
ये कैसा है माओवाद ?
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प्यार, मोहब्बत भाईचारा , भूल गए अपने भाई,
खून बहा कर खुश होते है, ये नीच, ये अन्याई
इनकी हरकत देख शर्म से डूब गयी , 'यम' की औलाद।
ये कैसा है माओवाद ?
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पता नहीं कब हिंसक-मन में इक विवेक जागेगा,
इस महान भारत से नफ़रत का भूत भागेगा।
भूल गए हैं 'महावीर' को 'बुद्ध रहे' न इनको याद।
ये कैसा है माओवाद ?
हो ये बस फ़ौरन बर्बाद.

8 टिप्पणियाँ:

संगीता स्वरुप ( गीत ) May 29, 2013 at 11:37 PM  

प्रश्न हैं पर उत्तर नहीं ...

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया May 30, 2013 at 12:41 AM  

पता नहीं कब हिंसक-मन में इक विवेक जागेगा,
इस महान भारत से नफ़रत का भूत भागेगा।

बहुत उम्दा,लाजबाब अभिव्यक्ति ,

Recent post: ओ प्यारी लली,

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" May 30, 2013 at 6:29 AM  

wakai ye jahar bankar fail raha hai ..isse mukti jaane kab milegee..sacche hindustaanee ke antar se yah lava niklna swabhabik hai ..saadar badayee kek sath

Anurag Sharma May 30, 2013 at 11:58 AM  

आतंकवाद तो सदा दानवी ही होता है, झंडे का रंग कैसा ही हो!

ब्लॉग बुलेटिन May 30, 2013 at 9:36 PM  

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन विश्व तंबाकू निषेध दिवस - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) May 31, 2013 at 3:18 AM  

प्रभावी !!!
शुभकामना
आर्यावर्त

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) May 31, 2013 at 3:18 AM  
This comment has been removed by the author.
रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) May 31, 2013 at 3:19 AM  
This comment has been removed by the author.

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