''सद्भावना दर्पण'

दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश आदि राज्यों में पुरस्कृत ''सद्भावना दर्पण भारत की लोकप्रिय अनुवाद-पत्रिका है. इसमें भारत एवं विश्व की भाषाओँ एवं बोलियों में भी लिखे जा रहे उत्कृष्ट साहित्य का हिंदी अनुवाद प्रकाशित होता है.गिरीश पंकज के सम्पादन में पिछले 20 वर्षों से प्रकाशित ''सद्भावना दर्पण'' पढ़ने के लिये अनुवाद-साहित्य में रूचि रखने वाले साथी शुल्क भेज सकते है. .वार्षिक100 रूपए, द्वैवार्षिक- 200 रूपए. ड्राफ्ट या मनीआर्डर के जरिये ही शुल्क भेजें. संपर्क- 28 fst floor, ekatm parisar, rajbandha maidan रायपुर-४९२००१ (छत्तीसगढ़)
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करवा चौथ के पावन-पर्व पर

>> Thursday, October 29, 2015

करवा चौथ के पावन-पर्व पर संस्कृति का सम्मान करने 
वाली दुनिया की समस्त स्त्रियों को समर्पित 

त्याग है नारी, प्यार है नारी 
ईश्वर का उपहार है नारी 


पार लगाती जो दुनिया को
वो अद्भुत पतवार है नारी 

देह नहीं है ये नादानो
हम सब पे उपकार है नारी 

सबका दुःख बन जाता उसका
एक महा किरदार है नारी
 
बिन इसके घर भूत का डेरा
घर के गले का हार है नारी
 
मुक्ति जहां से हो कर मिलती
वो इक पावन द्वार है नारी

इस पर अत्याचार न करना
देवी का अवतार है नारी

बिगड़ी सदा बनाने वाली
जादू का संसार है नारी
 
लगे फूल -सी कोमल है पर
वक्त पड़े तलवार है नारी

उसे हराना मुश्किल है पर
खुद ही जाती हार है नारी

एक पंक्ति में बोलूं तो फिर
धरती का श्रृंगार है नारी

तेरे कारण दुनिया सुन्दर
बार-बार आभार है नारी
 
पुरुष सदा पत्थर है 'पंकज'
पर निर्मल जलधार है नारी

1 टिप्पणियाँ:

ब्लॉग बुलेटिन October 30, 2015 at 8:00 AM  

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, परमाणु शक्ति राष्ट्र, करवा का व्रत और ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

सुनिए गिरीश पंकज को

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